अंत में प्रीलिम हियरिंग

ट्रिस्टन

कचहरी में पुरानी फाइलों, पॉलिश किए हुए लकड़ी के फर्नीचर और डर की मिली-जुली गंध थी। इसे बताने का मेरे पास और कोई तरीका नहीं था। शायद इसलिए कि उन दरवाज़ों से अंदर कदम रखते ही डर ही एकमात्र चीज़ बन गया था, जिसका स्वाद मुझे महसूस हो रहा था। वह मेरे गले के पीछे अटका रहता—कड़वा, धातु-सा—चाहे...

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