अध्याय 101

अँधेरे को चीरती एक ठंडी चमक बिजली की तरह लपकी—सीधे सोफी के दिल की तरफ!

उसका शरीर जड़ हो गया, दिमाग पूरी तरह खाली।

क्या वह मरने वाली थी?

ठीक उसी पल, जब खंजर उसे भेदने ही वाला था, बाजू से आई एक ज़बरदस्त ताकत ने उसे धक्का देकर दूर कर दिया!

सोफी लड़खड़ाते हुए कई कदम पीछे गई और ठंडे, सख्त फुटपाथ पर अ...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें