अध्याय 222

बेंजामिन की पुतलियाँ एकदम सिकुड़ गईं।

“मैं पुलिस को फोन कर रही हूँ”—ये शब्द सुनते ही उसके शरीर का खून जैसे एक पल में सूख गया, और अगले ही पल बर्फ़ के नुकीले टुकड़ों-सा ठंडा होकर वापस दौड़ पड़ा। उसकी रीढ़ से लेकर पूरे बदन में सिहरन फैल गई।

वह झपटकर आगे बढ़ा, सोफ़ी के हाथ से बंदूक छीनने की कोशिश करते...

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