अध्याय 237

ओलिविया सचमुच दहशत में थी। वह घुटनों के बल रेंगती हुई बेंजामिन के पैरों तक पहुँची, उसके पैंट का पायंचा दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया और टूटती हुई आवाज़ में गिड़गिड़ाने लगी।

“मुझसे गलती हो गई… मुझे पता है, मुझसे गलती हो गई… प्लीज़ मेरे साथ ऐसा मत कीजिए…”

“मेरे पास जाने के लिए कहीं नहीं है…”

“आपकी ...

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