अध्याय 252

रात काफ़ी हो चुकी थी।

ऊपर वाली मंज़िल के वीआईपी वार्ड के कॉरिडोर में बस नाइट-शिफ्ट नर्स के नरम कदमों की आहट थी और कभी-कभार मेडिकल उपकरणों की हल्की-सी आवाज़।

मगर यह सन्नाटा सोफी को ज़रा भी सुकून नहीं दे रहा था।

वह अटेंडेंट बेड पर करवटें बदलती रही, नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी।

दिन में अस्पताल ...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें