अध्याय 293

सोफी ने वह समझौता अपने हाथ में थाम रखा था—उसकी उँगलियों के पोर बर्फ जैसे ठंडे थे।

काग़ज़ों का मोटा-सा पुलिंदा, शर्तों से भरा हुआ, उसके हाथों में जलता-सा लग रहा था।

मान ले?

तो यह उन पाँच सालों का अपमान होता जो उसने झेले थे, और उस नुकसान का भी जो स्कॉट परिवार ने सहा था।

ठुकरा दे?

तो क्या इसका मतल...

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