अध्याय 1 हमने अपना बच्चा खो दिया

"नहीं!"

अस्पताल के कमरे की मौत-सी ख़ामोशी को चीरती हुई एक तीखी चीख गूँज उठी।

मिरांडा बिस्तर पर झटके से उठ बैठी। ठंडा पसीना उसकी पतली-सी अस्पताल की गाउन को भिगो चुका था। चारों तरफ चुभती हुई सफ़ेद रोशनी फैली थी और कीटाणुनाशक दवा की तीखी गंध उसकी नाक में भर गई।

एक नर्स जल्दी से भीतर आई। मिरांडा को होश में देखकर उसके चेहरे पर राहत फैल गई।

"आप उठ गईं? अब कैसा लग रहा है?"

मिरांडा ने जवाब नहीं दिया। वह बस हाँफती रही, सामने शून्य में ताकती हुई।

नर्स ने आवाज़ नरम की, उसे ढाँढस बँधाने की कोशिश करते हुए।

"ज़्यादा परेशान मत होइए… हम बच्चे को नहीं बचा पाए।"

"लेकिन आप ठीक हैं। शरीर संभल जाएगा तो… आगे और मौके होंगे।"

बच्चा… चला गया…

वे शब्द मिरांडा के सीने पर पत्थरों की तरह आ गिरे। वह धीरे-धीरे नीचे देखने लगी; काँपते हाथ अपने अब भी सपाट पेट पर जा टिके। वहाँ दो पूरे महीनों से एक नन्ही-सी जान चुपचाप पल रही थी।

और फिर वही याद आँखों के आगे चमक गई—वह नम, सुनसान गोदाम। अपहरणकर्ता का विकृत चेहरा, और उसके हाथ में चमकता चाकू—इतना साफ़ कि लगा जैसे सब अभी हो रहा हो।

"हैरिसन व्हिटमोर, एक को चुनो।"

"तुम्हारी पत्नी मिरांडा… या तुम्हारा पहला प्यार, एरियाना डाल्टन?"

अपहरणकर्ता की आवाज़ रूखी और निर्दयी थी—जैसे खुद मौत फ़ैसला सुना रही हो।

मिरांडा की नज़र थोड़ी दूर खड़े उस आदमी पर जा अटक गई—जिसे उसने पाँच साल तक चाहा था। उसका पति।

उसने देखा, हैरिसन की निगाह मिरांडा और उसकी चचेरी बहन एरियाना के बीच डोल रही थी; उसका झिझकना किसी कुंद धार की तरह, धीरे-धीरे मिरांडा के दिल को काट रहा था।

फिर उसने देखा—हैरिसन ने बिना किसी हिचक के उंगली एरियाना की ओर उठा दी, जो उसके पीछे दुबकी, काँप रही थी।

"एरियाना को छोड़ दो।"

उसी पल मिरांडा की दुनिया ढह गई।

उसके दिमाग में एक तस्वीर कौंधी—आज सुबह ही मिले टेस्ट के नतीजे।

गर्भावस्था, 8 सप्ताह।

डॉक्टर की बधाई देती मुस्कान अभी तक उसकी याद में ताज़ा थी। उसने तय किया था कि आज रात, उनकी सालगिरह पर, वह हैरिसन को बताएगी। यह एक सरप्राइज़ होना था।

"लगता है तुम्हारे पति ने अपना फ़ैसला कर लिया है।"

अपहरणकर्ता ने चाकू उसकी गर्दन से सटा दिया। ठंडी धातु ने उसके पूरे शरीर में सिहरन दौड़ा दी।

"अपने प्यारे पति के लिए आख़िरी शब्द कुछ कहने हैं?"

मिरांडा ने ब्लेड के पार हैरिसन को देखा और बची-खुची सारी ताक़त बटोरकर साफ़ आवाज़ में बोली—

"हैरिसन… मैं गर्भवती हूँ।"

"दो महीने।"

शब्द निकलते ही हैरिसन के पीछे से एरियाना के मुँह से डरी हुई, धीमी-सी हाँफ निकल गई।

"हैरिसन… मुझे बहुत डर लग रहा है।"

उसकी आवाज़ ऊँची नहीं थी, लेकिन उसने मिरांडा की बची हुई आख़िरी उम्मीद भी चकनाचूर कर दी।

अपहरणकर्ता हँसा—जैसे इस तमाशे का मज़ा ले रहा हो।

"हैरिसन, सुना? तुम्हारी पत्नी के पेट में बच्चा है। एक आख़िरी मौका देता हूँ—कौन रहेगा?"

मिरांडा का दिल धक से गले में आ अटका। उसने उसकी ओर देखा—आँखों में उम्मीद की एक हल्की-सी झिलमिलाहट उभर आई।

वो उनका बच्चा था।

अपहरणकर्ता ने हैरिसन को दुविधा में जूझते देखा तो खुद ही उसे “मदद” करने का फैसला कर लिया।

उसने अपने दो आदमियों को इशारा किया। हैरिसन बेबस देखता रह गया, जब दो गुंडे मिरांडा और एरियाना के पास आकर खड़े हो गए और उनके कपड़ों पर हाथ डालने लगे।

अपहरणकर्ता ने तो अपना फोन भी निकाल लिया, उनकी बेइज़्ज़ती की वीडियो बनाने लगा।

कपड़ा फटने की आवाज़ हवा में गूँज उठी।

हैरिसन की आँखें खून-सी लाल हो गईं, वह अपहरणकर्ता को घूरता रहा।

“उन्हें हाथ मत लगाना!” उसकी आवाज़ गुस्से से काँप रही थी।

अपहरणकर्ता ने अनसुना किया, उसकी नज़रें उस खूबसूरत औरत पर लपलपा रही थीं। “तेरी औरत की त्वचा कितनी मुलायम है!”

“पता है क्या? मैंने अपना इरादा बदल लिया। अब मुझे तुम्हारा चुनाव नहीं चाहिए। मैं दोनों को रखूँगा। मेरे पास ढेर सारे भाई हैं जिन्हें मनोरंजन चाहिए। काम हो जाने के बाद इन्हें नंगा करके सड़क पर फेंक देंगे। फिर फुटपाथ के भिखारी-मवाली भी मज़े कर लें।”

अपहरणकर्ता अपनी ही बात पर हँस पड़ा।

मिरांडा ने देखा—उस आदमी का हाथ उसकी छाती की ओर बढ़ रहा है। वह पीछे हटती गई, आँसू लगातार बह रहे थे।

उसने गिड़गिड़ाती नज़रों से हैरिसन की ओर देखा।

“हैरिसन, मुझे बचा लो! हमारे बच्चे को बचा लो!”

मिरांडा सोच भी नहीं पा रही थी कि अगर इन लोगों ने उसके साथ ज़्यादती की, तो बच्चे का क्या होगा।

एरियाना पीछे रहने वाली नहीं थी। उसने हैरिसन की तरफ देखा—सोचा, अगर अपहरणकर्ताओं के हाथों मिरांडा मर गई, तो हैरिसन को उसे ही बचाना पड़ेगा।

यही सोचकर एरियाना ने जान-बूझकर अपना शरीर हिलाया और मिरांडा से टकरा गई।

ठीक उसके सामने अपहरणकर्ता का चाकू था।

मिरांडा जोर से आगे धकेली गई। उसकी गर्दन पर खून की एक लकीर उभर आई।

पास वाला अपहरणकर्ता मिरांडा को लड़खड़ाकर अपनी तरफ आते देख बड़बड़ाया, “बेवकूफ रंडी, मुझसे टकराकर भागने चली है?”

उसने मिरांडा के चेहरे पर जोरदार थप्पड़ मारा।

मिरांडा के होंठ के कोने से खून रिसने लगा। वह बेबसी से हैरिसन की ओर देखती रही।

लेकिन उसके कानों में सिर्फ हैरिसन की आवाज़ पड़ी—अब भी सख्त, अब भी उतनी ही उतावली।

“मैं एरियाना को चुनता हूँ! उसे छोड़ दो, तुम्हें जो चाहिए मैं दे दूँगा!”

मिरांडा के गाल पर एक गरम आँसू लुढ़क गया।

उसी पल उसका दिल पूरी तरह मर गया।

उसने आँखें बंद कर लीं, मौत का इंतज़ार करने लगी।

ठंडी धारदार ब्लेड ने जोर से दबाव डाला।

धाँय!

एक कान फाड़ देने वाली गोली की आवाज़ गूँज उठी।

जिस दर्द की उम्मीद थी, वह आया ही नहीं। चाकू पकड़े अपहरणकर्ता का हाथ ढीला पड़ गया और नीचे गिर पड़ा।

अफरा-तफरी में मिरांडा ने महसूस किया कि उसका शरीर हल्का पड़ रहा है—किसी ने उसे खींचकर एक गर्म, घबराए हुए आलिंगन में भर लिया।

होश पूरी तरह जाते-जाते उसे लगा, उसने एक चेहरा देखा—बेचैन, और उसकी फिक्र से भरा हुआ।

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