अध्याय 113 एक नई साझेदारी

जैक ने अपने सामने खड़ी उस जवान, आत्मविश्वासी औरत को देखा, और उसे अपनी जवानी का अपना-सा अक्स दिख गया।

हार न मानने की वही ज़िद। रिश्ते-नाते तोड़कर आगे बढ़ जाने का वही साहस।

लंबी ख़ामोशी के बाद।

जैक अचानक हँस पड़ा—चेहरे की झुर्रियाँ जैसे कुछ पल को ढीली पड़ गईं।

“अच्छा!”

उसने मेज़ पर हथेली दे म...

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