अध्याय 132 आभारी

जब मिरांडा क्लिफ्टन मैनर लौटी, तब तक आसमान गहरा हो चुका था।

उसने दरवाज़ा धकेलकर खोला तो देखा कि बैठक में गरमाहट भरी रोशनी फैली हुई है।

सोफ़े पर एक जाना-पहचाना शख़्स बैठा था, हाथ में मैगज़ीन लिए।

“आज मिशन नहीं है?”

जूते बदलते हुए मिरांडा हैरान हुई।

क्लिफ्टन ने मैगज़ीन बंद की और उसकी ओर द...

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