अध्याय 138 उसकी छोटी योजनाएँ

लगातार पाँच दिनों तक मिरांडा अस्पताल में ही रही, उसे लग रहा था जैसे वक़्त बेहद धीरे-धीरे सरक रहा हो।

दो बेहतरीन देखभाल करने वाले बारी-बारी से उसकी तीमारदारी करते रहे। दिन में तीन बार खाना आता—एक नामी न्यूट्रिशनिस्ट के बनाए मेन्यू के मुताबिक।

इन दिनों में उसके शरीर पर लगी खरोंचों पर पपड़ी जम गई थी...

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