अध्याय 146 मैं बिल्कुल आपको हैरिसन को चुराने नहीं दूँगा

दोनों वेट्रेसों की निगाहें उस मोटे-से नोटों के ढेर पर पड़ीं, और उनकी आँखें चमक उठीं।

उनके लिए यह पूरे दो महीनों की तनख़्वाह के बराबर था।

जिस वेट्रेस ने अभी-अभी बात टाली थी, उसने लार निगली, पैसा झपट लिया, और फौरन अपना लहजा बदल लिया। “हाँ, 208 नंबर कमरे में वही साहब हैं। नाम तो हमें नहीं पता, मगर आ...

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