अध्याय 150 उसका भाई और माँ उसकी ढाल हैं

दूसरी मंज़िल का बेडरूम।

मिरांडा ने तिजोरी खोली और वह गहरे नीले रंग का कच्चा पत्थर निकाल लिया जिसे वह बरसों से सहेजकर रखे हुए थी। घर की रोशनी में भी उस पत्थर से हल्की-सी नीली आभा फूट रही थी—जैसे गहरे समुद्र से जमे हुए आँसू, निर्मल और रहस्यमय।

उसी पल दरवाज़ा हल्के से धकेला गया।

मिरांडा ने मुड़कर दे...

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