अध्याय 152 खतरा

"तुम्हें क्या चाहिए!" एरिआना ग़ुस्से से काँप रही थी, उसकी आवाज़ तीखी हो गई।

"मुझे क्या चाहिए?"

ज़्रॉन ने अपना पिचका हुआ पेट सहलाया और बेशर्मी से बोला, "अभी-अभी बाहर निकला हूँ। न खाने को कुछ, न पीने को, न रहने की जगह। बेटी हो मेरी—तो कुछ तो फ़र्ज़ निभाओगी, है न?"

वह एरिआना के और क़रीब आ गया। उसके ...

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