अध्याय 160 आपका आपराधिक पिता

मिरांडा घूमी। उसने छाती पर बाँहें बाँध लीं, ठुड्डी हल्की-सी ऊपर उठाई, और निगाहें चुपचाप एरिआना के चेहरे पर टिक गईं।

जब एरिआना इतनी उतावली होकर अपनी मौजूदगी जताने चली थी, तो मिरांडा की बेरहमी का इल्ज़ाम भी उसी पर आता था।

बिलकुल सही वक्त। वैसे भी एक बात थी, जिसे वह कब से पक्का करना चाहती थी।

म...

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