अध्याय 179 मिरांडा, गेट अ ग्रिप

अपने कमरे में लौटकर मिरांडा ने पीछे से दरवाज़ा बंद कर लिया।

नीचे से आई वह अर्थभरी कराह उसके लिए मानो एक कुंद छुरी थी, जो उसके दिल पर आरा-सा चलाती जा रही थी।

ऐसा लगा जैसे वह झुलस गई हो, और वह सीधे बाथरूम की ओर भागी।

उसने नल पूरी तरह खोल दिया। ठंडे पानी की तेज धार फूट पड़ी।

मिरांडा ने दोनों हथेलिय...

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