अध्याय 181 क्या मेरा जीवन एरियाना से कम मूल्यवान है?

डॉमिनिक का बरसों से दबा हुआ गुस्सा आखिरकार फट पड़ा। वह फोन में दहाड़ उठा, “मिरांडा! कितनी बार फोन करूँ तब जाकर उठाओगी? जान-बूझकर कर रही हो क्या, मुझे चिढ़ाने के लिए?”

लाइन के उस पार मिरांडा अपनी ऑफिस चेयर पर बैठी थी। वह उँगलियों के बीच पेन घुमा रही थी, होंठों पर ठंडी-सी मुस्कान।

“डैड, मैं मीटिंग म...

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