अध्याय 201 गलतफहमी का समाधान

अगले दिन, मिरांडा ने जैसे ही आँखें खोलीं, सबसे पहले उसे बेतहाशा थकान ने घेर लिया।

कमर दुख रही थी, टाँगें दुख रही थीं। उसके शरीर का एक-एक इंच ऐसा लग रहा था जैसे किसी भारी ट्रक ने रौंद दिया हो—हर तरफ़ दर्द की चीखें।

उसने करवट बदलने की कोशिश की, मगर उसी पल एक मजबूत, ताक़तवर बाँह उसकी कमर में लिपट गई ...

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