अध्याय 205 मिरांडा को धमकाना

एवलिन डॉमिनिक के चेहरे पर छाई घबराहट को देख रही थी। उसकी आँखों में तिरस्कार की चमक थी, मगर चेहरे पर बेचारी-सी मुस्कान सजी हुई थी।

“मेरी बेटी अभी भी जेल में है। मैं शांत कैसे रहूँ?” उसकी आवाज़ में शिकवे की चाशनी टपक रही थी। “डॉमिनिक, एरियाना तुम्हारी बेटी भी है! उसने अपनी पूरी ज़िंदगी में कभी ऐसा द...

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