अध्याय 219 क्लिफ्टन में कुछ बदलाव

मिरांडा के चेहरे पर एक ठंडी-सी मुस्कान पलभर को चमकी और अगले ही क्षण गायब हो गई। उसकी आवाज़ शांत थी, लगभग ऊबी हुई।

“मैं अंदर नहीं थी।” उसने बिना पलक झपकाए इसाबेला की आँखों में आँखें डालकर कहा। “तो तुम्हें ठीक-ठीक क्या लगता है, मुझे कहाँ होना चाहिए था?”

लगभग जीत जाने की उत्तेजना ने इसाबेला को लापरवा...

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