अध्याय 222 उसके पैरों के “ठीक होने” का समय

इसाबेला ने अपने पिता का जवाब सुना और जैसे पत्थर की हो गई।

वह धीरे-धीरे मुड़ी और उसे घूरकर देखने लगी—मानो दिमाग यह मान ही नहीं पा रहा हो कि उसने अभी-अभी इतनी बेरहम बात के लिए हाँ कह दी है।

वह दो कदम पीछे हटी। उसकी एड़ियों की टक-टक ने फर्श पर तेज़, खोखली-सी आवाज़ पैदा की।

फिर वह घूमी और भाग पड़ी—पी...

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