अध्याय 42 जर्क मी ऑफ

"म्म्म..."

उसके सिर के ठीक ऊपर से एक धीमी, दबा हुआ कराह-सा स्वर आया—खिंचा हुआ, और उसमें हल्की-सी तकलीफ़ घुली हुई थी।

वह आवाज़ सुनते ही मिरांडा की तंद्रा टूट गई।

उसने हाथ ऐसे पीछे खींचने की कोशिश की, जैसे उसे करंट लग गया हो, मगर वह आदमी उससे तेज़ निकला—उसने उसकी कलाई पकड़कर जकड़ ली।

"हिलो मत।"

क्...

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