अध्याय 44 स्टेपिंग अप

कमरे की हवा जैसे जमकर बर्फ हो गई थी।

सबकी निगाहें मिरांडा पर खंजरों की तरह गड़ी थीं—तिरस्कार, उपहास, और दूसरों की बदकिस्मती पर मिलने वाली अजीब-सी खुशी।

एरियाना की हँसी और चौड़ी होती जा रही थी, जैसे उसकी जीत बस फूट पड़ने वाली हो।

उसे मिरांडा को घिरा हुआ, पूरी तरह अकेला देखना अच्छा लग रहा था। ब...

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