अध्याय 59 समर्थन दिखा रहा है

पिछला बगीचा रोशनी से जगमगा रहा था। हवा में सुरुचिपूर्ण शास्त्रीय संगीत बह रहा था। मेहमान छोटे-छोटे झुंडों में खड़े थे, धीमे स्वर में बातें करते और हँसते हुए।

मिरांडा के हाथ में शैम्पेन का गिलास था, होंठों पर तराशी हुई-सी मुस्कान। वह भीड़ के बीच बड़ी सहजता से आगे बढ़ रही थी। कोई मेहमान पास आता तो वह...

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