अध्याय 88 नमस्ते, मैडम

मिरांडा ने मुड़कर देखा, तब जाकर उसे समझ आया कि क्लिफ्टन दरवाज़े पर खड़े उन्हीं लोगों को पुकार रहा था।

उसे तुरंत बात समझ में आ गई।

वे गलत जगह नहीं आए थे। जिस आदमी को वे ढूँढ़ रहे थे, वह क्लिफ्टन ही था।

क्लिफ्टन लंबे डग भरता हुआ दरवाज़े की ओर गया। जाने से पहले उसने मिरांडा पर एक नज़र डाली—वह अब भी ...

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