अध्याय 92 कॉमिंग-ऑफ-एज गिफ्ट

शॉपिंग मॉल।

मिरांडा जैसे ही पहली मंज़िल पर पहुँची, उसकी नज़र कैफ़े की फर्श से छत तक जाती काँच की खिड़कियों के पास बैठी अपनी माँ पर पड़ गई।

अरबेला ने सलीकेदार बेज़ रंग का सूट पहन रखा था—नफ़ासत और नरमी उसकी आदतों में झलकती थी। लगता था वक़्त ने उस पर खास मेहरबानी की है; चेहरे पर उम्र की लकीरें नाममात...

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