अध्याय 99 क्या वह यहाँ मरने वाली है?

अँधेरे, सीलन भरे गोदाम के भीतर।

“खाँस… खाँस, खाँस, खाँस!”

धुएँ की तीखी, भारी बदबू ने मिरांडा को दम घुटने के साथ जगा दिया।

उसने आँखें खोलने की कोशिश की, सिर ऐसे धड़क रहा था जैसे किसी ने भारी हथौड़े से वार किया हो।

आस-पास अँधेरा था; बस दरवाज़े और खिड़कियों की दरारों से राख-सा धूसर-काला धुआँ लगात...

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