अध्याय 125

लियोपोल्ड तेज़ी से अस्पताल के कमरे में घुसा। एलोरा बिस्तर पर बेहोश पड़ी थी।

पास ही बेंटली खड़ा था, तीखी व्यंग्यभरी आवाज़ में बोल रहा था। “लियोपोल्ड, तो आखिर वापस आने का मन बना ही लिया? और ज़रा भी देर होती, तो कौन जाने मेरी बहन के साथ क्या हो जाता।”

“वह अचानक बेहोश क्यों हो गई?”

लियोपोल्ड को उससे ...

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