अध्याय 135

"ठीक है, समझ गई।"

लिसबेथ ने धीमे से जवाब दिया और फिर पीछे कदमों की आहट सुनते ही चुपचाप फोन रख दिया।

वह मुड़ी तो सामने सेबेस्टियन खड़ा था।

"ऐन तुम्हें ढूँढ़ रही है," उसने नरमी से कहा।

"वो छोटी-सी शैतान, पाँच मिनट भी मेरे बिना नहीं रह सकती।" लिसबेथ के शब्द शिकायत जैसे थे, मगर आवाज़ में प्यार छलक र...

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