अध्याय 154

हेज़ल का चेहरा पीला पड़ गया था, तबीयत भी बिगड़ी हुई लग रही थी। बोलती तो आवाज़ भी कमज़ोर-सी थी।

“क्या तुम्हें अभी भी याद है कि मैं तुम्हारी माँ हूँ?”

सेबास्टियन ने बेबसी से आह भरी। “आप मेरी माँ हैं। आप बीमार हैं तो मैं आपको देखने तो आऊँगा ही।”

उसके चेहरे की चिंता देखकर हेज़ल जैसे संतुष्ट हो गई। “अ...

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