अध्याय 157

लिस्बेथ जैसे जम गई, यकीन ही नहीं हुआ कि उसने क्या सुना। “क्या कहा तुमने? तुम मुझे अपने साथ ले जाना चाहते हो?”

उसने ऊपर देखा, चेहरा गंभीर था। “हाँ। क्या तुम तैयार हो?”

लिस्बेथ चुप हो गई।

सेबास्टियन ने उस पर कोई दबाव नहीं डाला, बस खामोशी से इंतज़ार करता रहा।

काफी देर बाद लिस्बेथ बोली, आवाज़ में खि...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें