अध्याय 176

अँधेरे में बढ़ती नज़दीकियाँ और भी बेचैन कर देने वाली हो गईं। सेबास्टियन ने झटपट पासा पलटा और लिस्बेथ को सोफ़े पर अपने नीचे दबा लिया।

उसकी साँसें तेज़ और खुरदुरी थीं, बदन तप रहा था—लिस्बेथ का पूरा शरीर ढीला पड़ने लगा।

“तो, मैं मज़बूत हूँ?”

वह उसके कान के पास ठहर-ठहरकर चूमने लगा।

“तुम जानते हो, मे...

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