अध्याय 18

दिन भर की भागदौड़ से टूट चुकी लिस्बेथ आखिरकार घर लौटी और देखा कि अन्ना और लैला ड्रॉइंग रूम में बैठकर बातें कर रही हैं।

अंदर जाने से पहले उसने खुद को संभाला, चेहरे पर जबरन मुस्कान लाई। “माँ, मैं आ गई।”

अन्ना ने जवाब दिया, मगर उसकी नज़र तुरंत चिंता से भर गई। “सब कुछ सुलझ गया?”

“अभी नहीं, लेकिन मैं ...

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