अध्याय 186

बाथरूम में।

एलोरा आईने के सामने खड़ी थी, हाँफती हुई साँसें खींच रही थी।

आईने में दिख रही औरत का चेहरा मुरदे-सा सफेद था, माथे पर ठंडे पसीने की बूँदें चमक रही थीं। उसने नल खोला और बदहवास होकर अपने गालों पर ठंडा पानी छपछपाने लगी, लेकिन सीने में उठती घबराहट को कुछ भी दबा नहीं पा रहा था।

वे शब्द, वे इ...

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