अध्याय 228

दरवाज़ा खोलते ही लिस्बेथ की नज़र सेबास्टियन पर पड़ी।

उसके एक हाथ में गरम कोको का कप था और दूसरे में गरम सिकाई वाला पैक।

“अभी-अभी कोई तुमसे मिलने आया था?”

लिस्बेथ ने सिर हिलाया और बुझी-बुझी सी वापस जाकर बिस्तर पर बैठ गई।

सेबास्टियन की भौंहें हल्की-सी सिकुड़ गईं। उसकी ये हालत करवाने वाला बस एक ही ...

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