अध्याय 262

अगले दिन जब लिस्बेथ ऑफिस पहुँची, तो सोफ़िया पहले से ही अपने केबिन में उसका इंतज़ार कर रही थी।

“डिस्कशन का शेड्यूल तय हो गया है—आने वाले बुधवार को दोपहर तीन बजे। प्लानिंग मैं संभाल लूँगी और पूरे समय आपके साथ रहूँगी।”

सोफ़िया की काबिलियत पर कोई सवाल ही नहीं था।

वह सचमुच असाधारण थी—हर चीज़ इतनी बारी...

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