अध्याय 267

"दिलचस्पी नहीं है।"

लिस्बेथ का जवाब बिना एक पल रुके निकल आया।

उसे उसके काम-धंधे में रत्तीभर भी दिलचस्पी नहीं थी। ऊपर से, उसका मंगेतर वहीं खड़ा था। अभी-अभी तो एक गलतफ़हमी सुलझी थी—अगर अब वह कह देती कि उसे जानना है...

तो बात और बिगड़ ही जाती।

वह अफ़सर की ओर मुड़ी। "अगली बार मुझे बुलाने से पहले कृपय...

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