अध्याय 80

साइमन को समझ नहीं आ रहा था कि क्या कहे। वह हमेशा से ज़िद्दी रहा था—बचपन से जो मन किया वही करता आया, यहाँ तक कि उसके माँ-बाप भी उसे रोक नहीं पाए। इसी वजह से वह कई साल विदेशों में भटकता रहा।

लेकिन सेबेस्टियन अलग था। वह हमेशा “अच्छा बच्चा” रहा था—वही जिसे दूसरे माता-पिता अपने बच्चों को डाँटते वक्त उदा...

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