अध्याय 86

जब लिस्बेथ वापस अस्पताल के कमरे में लौटी, समारा बिस्तर पर पड़ी लैला को टकटकी लगाए देख रही थी, और उसके गालों पर आँसू लगातार बह रहे थे।

लिस्बेथ ठिठकी, फिर चुपचाप पास जाकर समारा के कंधे पर हल्के से हाथ रख दिया। “प्लीज़ मत रोइए। अगर लैला आपको इस हालत में देख ले, तो उसका दिल भी टूट जाएगा।”

“मैं कैसे न ...

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