अध्याय 148: पैकिंग

यह सुनते ही डायना ने गहरी साँस ली। “ठीक है, अब सामान बाँधना शुरू करते हैं।”

तब तक डेज़ी की नींद खुल चुकी थी। वह आँखें मलते हुए बिस्तर से उतरी। “मम्मी, क्या हम सच में जा रहे हैं?”

डायना उसके पास गई और उसे गोद में उठा लिया। “हाँ, हम आज दोपहर एमराल्ड सिटी छोड़ रहे हैं।”

डेज़ी ने अपना सिर डायना के कं...

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