अध्याय 178 पतन के किनारे पर

डायना एयरपोर्ट से बाहर निकली। तेज, कड़क धूप आँखों पर ऐसी पड़ी कि वह आँखें खोल ही नहीं पाई।

लेला, जेसन और डेज़ी के साथ उसकी ओर बढ़ी।

“डायना, कैसा रहा?”

डायना ने सिर हिलाकर मना किया। “होटल चलो।”

डेज़ी ने उसका हाथ खींचा। “मम्मी, आप रो क्यों रही हो?”

डायना झुककर बैठी और डेज़ी को अपनी बाँहों में खीं...

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