अध्याय 96: फेंकी गई वस्तु से घायल

दूसरे मरीज़ों की जिज्ञासु नज़रें उधर घूम गईं।

वह आदमी बौखलाया हुआ था, अस्पताल के बिस्तर पर तड़पते हुए हाथ-पाँव पटक रहा था। डायना ने भौंहें चढ़ाईं और ठंडे स्वर में बोली, “अगर ऑपरेशन थिएटर का एक और चक्कर लगाना है, तो यूँ ही हंगामा करते रहो।”

उसकी आवाज़ में बर्फ-सी ठंडक उतर आई।

आदमी साफ़ तौर पर घबरा...

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