अध्याय 143 वह आपकी परवाह करती है

कीरा ने जेसिका को उसे खींचकर ले जाने दिया, उसके कदम थोड़े डगमगा रहे थे। कुछ देर पहले वाला वह दृश्य उसकी आँख में धँसी सुई जैसा था, जिसे वह चाहकर भी निकाल नहीं पा रही थी।

कितनी अजीब बात थी कि उसे परवाह नहीं थी, फिर भी दिल में वह बेवजह-सी खटास जाती ही नहीं थी।

बाकी पूरी शॉपिंग में उसका ध्यान भटका ही ...

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