अध्याय 144 खलनायक का सामना

एडन ने बड़बड़ाकर खुद से कहा, और अजीब बात यह थी कि उन्हीं शब्दों से उसके दिल की धधकती आग कुछ शांत पड़ गई।

हाँ, अगर उसे वाकई ज़रा भी परवाह नहीं होती, तो वह जाने पर इतनी अड़ियल क्यों होती?

उसने सोचा, वह अब और ऐसे नहीं चल सकता।

उसने गहरी साँस ली, सिगरेट को मसलकर बुझाया और मास्टर बेडरूम के दरवाज़े तक ...

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