अध्याय 171 कार दुर्घटना

मीरा की उँगलियाँ अनजाने में सोफ़े की बाँह पर थपथपा रही थीं—वो साफ़ तौर पर सोच में डूबी थी।

आख़िरकार उसने फैसला कर लिया।

“तुम फिलहाल यहीं रहोगी।” मीरा ने हाथ के इशारे से कहा।

कीरा समझ गई—इस वक्त उसके हिस्से में इससे बेहतर नतीजा आ ही नहीं सकता था।

उसने सिर हिलाया और आगे कुछ नहीं बोली।

उसे एक अलग-...

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