अध्याय 206

ब्लेक ने अपनी तरफ़ से कदम उठा भी लिया था, फिर भी कैरोलाइन को आज दफ़्तर पहुँचते ही उतनी ही अजीब नज़रों का सामना करना पड़ा जितना कल हुआ था।

जो कर्मचारी पहले उसकी पीठ पीछे कानाफूसी करते थे, उनमें आज किसी तरह इतनी हिम्मत आ गई थी कि लिफ्ट में ही खुलकर बोलने लगे—अब शब्दों को छुपाने की ज़हमत भी नहीं उठा र...

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