अध्याय 32

वह आदमी लगभग तीस बरस का लग रहा था—चेहरे पर निखरे हुए नैन-नक्श और आँखें साफ़, चमकदार। चित्रकला की बात छेड़ते ही उसके विचार सलीके से क्रमबद्ध थे, और वह बड़ी स्पष्टता से अपनी बात रख रहा था।

“सर, आप तो कला के बारे में काफ़ी जानते हैं,” कैरोलिन खुद को रोक नहीं पाई।

आदमी मुस्कराया। “बस, बुनियादी-सी समझ ...

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