अध्याय 137

लौरा की आँखें सदमे से फैल गईं, जैसे ही उसे अपनी गर्दन के इर्द-गिर्द हाथ कसते हुए महसूस हुए।

आरिया की आँखों में ज़रा भी गर्माहट नहीं थी, और उसकी उँगलियाँ लौरा को कसकर जकड़े थीं। लौरा की इतनी हिम्मत—उसकी माँ का अपमान करे!

पल भर में आरिया की निगाहों में बर्फ़ जैसी सिहरन भर गई।

“तुम करना क्या चाहती ह...

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