अध्याय 157

आरिया का चेहरा पीला पड़ गया था, मगर उसकी आँखें सितारों की तरह चमक रही थीं—या जैसे धूप में किसी साफ़ झील की सतह, रोशनी से झिलमिलाती हुई।

उसकी नज़रें दृढ़ भी थीं और मानो गिड़गिड़ाती भी, और क्रिस एक पल के लिए उसकी आँखों में खो-सा गया।

“क्या वाकई इतना ज़रूरी है?”

“बिलकुल! अगर मैं चूकी नहीं हूँ, तो मु...

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