अध्याय 162

आरिया ने सोचा, ये बस एक इत्तफ़ाक़ ही होगा।

ठंडी-सी संतरे की फाँक आरिया के होंठों के पास लाई गई, और वह हैरानी से ठिठक गई।

उसकी आँखों में अजीब-सा भाव उतर आया, जब उसने धीरे-धीरे अपनी नज़र लावीएन की कलाई पर टिकाई—जो संतरे के साथ आगे बढ़ी हुई थी।

उसकी कलाई पतली थी, किसी लड़की से भी ज़्यादा नाज़ुक, लेक...

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