अध्याय 183

जैसे ही वे शब्द उसके मुँह से निकले, बेकी की आँखें हैरानी से फैल गईं। उसने लड़की को कॉलर से पकड़ा और तैश में पूछा, “अभी तुमने क्या कहा?”

बेकी के गुस्से से घबराई लड़की काँपने लगी। हकलाते हुए बोली, “त… तुम कौन हो?”

“मैं कौन हूँ? उसकी फिक्र मत करो! तुमने अभी क्या कहा?” बेकी की आँखों में आग थी, दाँत भी...

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